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Sunday, July 31, 2011

चन्द्रशेखर आजाद और गाँधी पहेली 23/24



गांधीजी पर आधारित पहेली श्रृंखला में आपकी भागीदारी का धन्यवाद.

पिछले अंक में पूछी गई पहेली का उत्तर है  गाँधी जी ने कांग्रेस के बेलगाम अधिवेशन (1924) की अध्यक्षता की थी. 



श्रृंखला का अगला प्रश्न गांधीजी के समकालीन अमर क्रन्तिकारी चंद्रशेखर आजाद के सन्दर्भ में है जिनकी 23 जुलाई को जन्मतिथि भी थी. 

1921  में गांधीजी द्वारा आरंभ 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' में शामिल होने के लिए कई छात्र अपने स्कुल-कॉलेज छोड़ आंदोलन में कूद पड़े. उन्ही में एक क्रांतिवीर चन्द्रशेखर आज़ाद भी थे. प्रश्न यह है कि उस समय आजाद किस शिक्षण संस्थान से जुड़े हुए थे - 


(i) इलाहबाद वि. वि., (ii) काशी विद्यापीठ, (iii) बनारस हिंदू वि. वि., (iv) लाहौर वि. वि. 

उत्तर अगले रविवार सुबह 9:00 AM पर, नई पहेली के साथ.



Sunday, July 17, 2011

गाँधी पहेली




गांधीजी पर आधारित पहेली श्रृंखला में आपकी भागीदारी का धन्यवाद.  पिछले अंक में पूछी गई पहेली का उत्तर है - भारत वापसी के बाद गांधीजी ने पहला आंदोलन बिहार के चंपारण के नील मजदूरों के समर्थन में किया था.

श्रृंखला का अगला प्रश्न है कि गाँधी जी ने कांग्रेस के किस अधिवेशन की अध्यक्षता की थी ?

(i) लाहौर, (ii) कराची, (iii)  कोलकाता, (iv) बेलगाम 

उत्तर अगले रविवार सुबह 9:00 AM पर, नई पहेली के साथ.

Sunday, July 10, 2011

एक अधनंगा फ़कीर ( @गाँधी पहेली )

 

यह नमक आंदोलन की सफलता और वाइसराय लौर्ड इर्विन की  गांधीजी से मिलने की विवशता ही थी जिसने गांधीजी के प्रबल आलोचक चर्चिल को उन शब्दों का प्रयोग करने को बाध्य कर दिया जो गांधीजी के व्यक्तित्व को व्यक्त करने के लिए काफी उपयुक्त हैं - " एक अधनंगा फ़कीर ". 


सत्रह फरवरी उन्नीस सौ इकतीस को मात्र एक सफ़ेद धोती, चादर और लाठी लिए हुए इस  फ़कीर ने नई दिल्ली में वाइसराय के बंगले की लाल सीढियाँ चढ़ीं. तीन सप्ताह में आठ बैठकों के बाद जो संधि सामने आई वो ऐसी थी मानो दो प्रभावशाली शक्तियों के बीच आपसी हितों की रक्षा के लिए की गई हो, जिसे ' गाँधी - इरविन पैक्ट ' के नाम से याद किया जाता है. 

और फिर से यही दृश्य साकार हुआ चंद महीनों बाद जब पुनः यह फ़कीर, इसी वेशभूषा में 'सुसभ्य' अंग्रेजों को स्तंभित करता हुआ बकिंघम पैलेस जा  पहुंचा  सम्राट से वार्ता करने. यह वही मोहनदास था जो इसी इंग्लैंड में कभी अपनी वेशभूषा को हेय दृष्टि से देख पाश्चात्य परिवेश को आत्मसात करने का भी प्रयास कर चूका था. समय का पहिया उल्टा घूम चूका था इन वर्षों में. अपनी धरती, संस्कृति, इतिहास और आम जनता के साथ जुडाव से उपजा यह भी एक राष्ट्रगौरव ही था, मगर गाँधी शैली का. बाद में जब किसी ने उनसे पूछा कि क्या सम्राट के सामने ऐसी पोशाक में जाना उचित था ! - तो उनका अपनी चिरपरिचित विनोदात्मक लहजे में प्रत्युत्तर था - " सम्राट ने स्वयं इतना पहन रखा था कि वही हमदोनों की पोशाक  के बराबर हो गया. "

चलिए इन पंक्तियों में तो मिल गया पिछली पहेली का उत्तर. अब नई पहेली - 

भारत में गांधीजी द्वारा प्रारंभ पहला सत्याग्रह कौन सा था ? -
(i) खेडा, (ii) बारडोली, (iii) चंपारण, (iv) दांडी 

उत्तर अगले रविवार सुबह 9:00 AM पर, नई पहेली के साथ

Sunday, July 3, 2011

अहिंसक आन्दोलनों की पुनर्वापसी और गांधीजी

भारत में ही नहीं विश्व के कई भागों में अहिंसक आन्दोलनों का नया दौर शुरू हो गया है. हाल में संपन्न मिस्र की क्रांति की भी कवरेज करने गए एक भारतीय पत्रकार ने लिखा कि उसे आंदोलन की समाप्ति के बाद लौट रहे लोगों में से एक की भाषा तो समझ नहीं आई, मगर वो बार - बार 'गाँधी'-'गाँधी' दोहराता जा रहा था.

मार्टिन लूथर किंग, नेल्शन मंडेला, आंग सांग सू की जैसे कई उदाहरण मिल जायेंगे जिन्होंने गाँधी जी को समझने के बाद अपने आचरण में उतारा और सफलता प्राप्त की. गाँधी जी के ही शब्दों में यह 'साध्य' और 'साधन' की शुचिता की ही सफलता है.

अगर कहीं ऐसा होता नहीं दिखता तो इस समीकरण के प्रयोग में ही इसके कारणों और कारकों को तलाशा जा सकता है.

अहिंसक आन्दोलनों की सफलता सुनिश्चित करने की रणनीति सुस्पष्ट करते हुए गांधीजी ने कहा था -

 "पहले वो आपको नजरअंदाज करेंगे, फिर वो आप पर हँसेंगे, इसके बाद वो संघर्ष करेंगे आपसे और फिर आपकी जीत होगी."

विचारों की कालजयिता जिस परिवेश में सार्थक होती है उसकी अनुभूति हो रही है न आपको :-)

और अब गाँधी पहेली 19 का उत्तर -

 द. अफ्रीका के मरित्ज्बर्ग रेल्वे स्टेशन पर गान्धीजी को नस्लीय अपमान का सामना करना पड़ा था.


साथ ही गाँधी पहेली 20 का प्रश्न - 


गांधीजी को 'अधनंगा फ़कीर' किन्होने कहा था ?


(i) अब्राहम लिंकन, (ii) विंस्टन चर्चिल, (iii) आइंस्टाइन, (iv) माउंटबेटन


उत्तर अगले रविवार सुबह 9:00 AM पर, नई पहेली के साथ
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