
जनवरी 2009 से जारी गांधीजी के विचारों पर आधारित यह श्रंखला अब एक अल्पविराम की ओर अग्रसर है। आशा है वक्त और परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो यह चर्चा नए सिरे से पुनः आरम्भ होगी। गांधीजी पर विवादों के इस फैशनेबल दौर में इस ब्लॉग और इसमें व्यक्त विचारों को जिस प्रोत्साहन के साथ आपने स्वीकारा, आभारी हूँ। इस ब्लॉग को आरम्भ करने के पीछे मेरा प्रयास गांधीजी के विचारों की प्रासंगिकता पर चर्चा तथा इसमें अधिक-से-अधिक लोगों को शामिल करने का था। इसीलिए सिर्फ इसी ब्लॉग के लिए मैंने कई ब्लौगर्स से व्यक्तिगत संपर्क भी किये। ब्लॉग की बेहतर प्रस्तुति और नियमितता में कई ब्लौगर्स के सुझावों तथा प्रोत्साहन का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आप सभी की सक्रियता तथा उत्साहवर्धन का धन्यवाद।

